मुझे कुछ तो बता प्यारे कारण रुसवाई का | Mushkil Hai Sahan Karna Bhajan

मुझे कुछ तो बता प्यारे, कारण रुसवाई का || Mushkil Hai Sahan Karna Bhajan 

मुश्किल है सहन करना........

यह दर्द जुदाई का...........

मुश्किल है सहन करना........ 

यह दर्द जुदाई का...........

मुझे कुछ तो बता प्यारे.........

कारण रुसवाई का.........

मुझे कुछ तो बता प्यारे...

कारण रुसवाई का.....

मुश्किल है सहन करना...........

यह दर्द जुदाई का...........

मुझे कुछ तो बता प्यारे...........

कारण रुसवाई का...........

Music...........................

झूठे तेरे वादों पे...........

एतबार किया हमने............

झूठे तेरे वादों पे....... 

इतबार क्या हमने............

तेरी कृपा को सुन कर ही......

अरे प्यार किया हमने.........

तेरी कृपा को सुन कर ही......

अरे प्यार किया हमने.........

कन्हैया............

कृपा की न होती जो आदत तुम्हारी..........

तो सुनी ही रहती अदालत तुम्हारी.......

न हम होते मुलजिम न तुम होते हाकिम........

न घर – घर में होती इबादत तुम्हरी.......

न घर – घर में होती इबादत तुम्हरी.......

गरीबों की दुनिया है आबाद तुमसे

गरीबों से है बादशाहत तुम्हारी.......

तुम्हरी ही उल्फत के दिग्बिन्दु है यह...........

तुम्हे सौपते है अमानत तुम्हारी.......  

तुम्हे सौपते है अमानत तुम्हारी........... 

झूठे तेरे वादों पे..........ऐतवार किया हमने...........

झूठे तेरे वादों पे.................ऐतवार किया हमने...........

तेरी कृपा को सुन कर ही......

अरे प्यार किया हमने.........

तेरी कृपा को सुन कर ही......

अरे प्यार किया हमने.........

तुझे प्यार किया हमने.........
क्या यही सिला मिलता...........

इस प्रीत लगाई का

क्या यही सिला मिलता.....इस प्रीत लगाई का
मुझे कुछ तो बता प्यारे
...........

कारण रुसवाई का........

अगर नजर में अवगुण थे...........

तो क्यों अपनाया था……………

अगर नजर में अवगुण थे...........

तो क्यों अपनाया था……………

ये प्रीत निभ सकती..........पहले बताया था.........

ये प्रीत निभ सकती..........पहले बताया था.........

ए कन्हैया...........

सब कुछ लेके परीक्षा है लेते......

अब कौन सी राह चले संसारी......

अरे ऐसा मोहक जाल विछाए......

भैया थक कर रह गयी बुद्धि बेचारी

थक कर रह गयी बुद्धि बेचारी............

ऐसा मोहक जाल विछाए........

भैया थक कर रह गयी बुद्धि बेचारी........

सोच समझ के सौदा कीजे.......

प्यारे सोच समझ के सौदा कीजे.......

ये नन्द का लाल बड़ा व्यापारी.........

नन्द का लाल बड़ा व्यापारी.........

अगर नजर में अवगुण थे………. तो क्यों अपनाया था……………

अगर नजर में अवगुण थे………. तो क्यों अपनाया था……………

ये प्रीत निभ सकती..........पहले बताया था.........

ये प्रीत निभ सकती..........पहले बताया था.........

पहले........ बताया था.........

मौका तो दिया होता.... मेरे मीत सफाई का.......

मौका तो दिया होता........... मेरे मीत सफाई का.....

मुझे कुछ तो बता प्यारे........... कारण रुसवाई का......

म्यूजिक..........

तुम सा कोई मिल जाता........तो ढूढ़ लिए होते........

तुम सा कोई मिल जाता........तो ढूढ़ लिए होते........

क्यूँ प्यार तुम्हें करते......क्यूँ तेरे लिए रोते..........

क्यूँ प्यार तुम्हें करते......क्यूँ तेरे लिए रोते..........

तजते घर बार व्यथा हम क्यूँ..........

अगर मोहन तेरा इशारा न होता.......

रहते हम भी भव सागर में........

अगर पहले किसी को उबारा न होता..........

पहले किसी को उबारा न होता.......

इस प्रेम के पंख में आये प्रभु......

सर देकर भी छुटकारा न होता......

हम रोते ही क्यूँ बिलखा करके........... 

अगर तू मन प्राण.... हमारा न होता.........

तुझसे.....मैं क्या कहूं......... 

तेरे सामने मेरा हाल है.......

तेरी एक नजर की बात है.....

मेरा जिन्दगी का सवाल है

तुम सा कोई मिल जाता..........तो ढूढ़ लिए होते........

तुम सा कोई मिल जाता..........तो ढूढ़ लिए होते........

उसको अपना लेते......... क्यूँ तेरे लिए रोते.....

क्यूँ प्यार तुम्हें करते......क्यूँ तेरे लिए रोते

क्यूँ तेरे लिए रोते...........

मुख मोड़ के क्यों बैठे..........क्या मान खुदाई का..

मुख मोड़ के क्यों बैठे..........क्या मान खुदाई का..

मुझ कुछ तो बता प्यारे.......... कारन रुसवाई का.....

मुझ कुछ तो बता प्यारे.......... कारन रुसवाई का.....

मुश्किल है सहन करना.......... ये दर्द जुदाई का................
मुझे कुछ तो बता प्यारे....... कारण रुसवाई का................

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